नौ वर्षों से नहीं खुला सामुदायिक शौचालय,ग्रामीण परेशान,अधिकारी मस्त

जय सिंह
बलरामपुर। जनपद के विकासखंड तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पूरेछीटन में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय पिछले करीब नौ वर्षों से ग्रामीणों के उपयोग में नहीं आ रहा है। शौचालय बंद रहने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार,सामुदायिक शौचालय का निर्माण इस उद्देश्य से कराया गया था कि गांव के लोगों,विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को शौच के लिए परेशानी न उठानी पड़े। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह सुविधा वर्षों से ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं हो सकी। हैरानी की बात यह है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं और समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुईं। इसके बाद अधिकारियों की सक्रियता दिखाने के लिए शौचालय की मरम्मत और रंगरोगन तो करा दिया गया,लेकिन कुछ समय बाद फिर वही पुरानी स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सरकारी धन खर्च होने के बाद भी यदि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है तो यह संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सामुदायिक शौचालय को तत्काल नियमित रूप से संचालित कराया जाए तथा इसके रखरखाव और देखरेख की जिम्मेदारी तय की जाए,ताकि सरकारी योजना का लाभ वास्तव में ग्रामीणों को मिल सके।
अब सवाल यह है कि नौ वर्षों से बंद पड़े सामुदायिक शौचालय की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी अधिकारी कब जागेंगे और कब गांव के लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा?

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