प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल तथा समसामयिक विषयों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित करना रहा। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया को शिक्षा, सूचना, संचार और प्रतिभा प्रदर्शन का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके लाभ गिनाए। वहीं, कुछ विद्यार्थियों ने इसके अत्यधिक उपयोग से समय की बर्बादी, एकाग्रता में कमी, भ्रामक सूचनाओं और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को सामने रखा।
प्रधानाचार्य डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया आज के दौर में ज्ञान और सूचना का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसका सही और संतुलित उपयोग विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो सकता है, लेकिन बिना उद्देश्य और अत्यधिक उपयोग से यह नुकसानदायक भी हो सकता है। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का उपयोग अपनी शिक्षा, ज्ञान और रचनात्मकता बढ़ाने के लिए करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का संचालन एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर शिवांगी श्रीवास्तव एवं सुजीत शुक्ला ने किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। उनकी स्पष्ट अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और विषय की गहरी समझ ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।



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