आग से बचाव को लेकर दी गई यह जानकारी
मॉकड्रिल के दौरान बच्चों को कक्षाओं से सुरक्षित निकालकर निर्धारित असेंबली प्वाइंट तक पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि बहुमंजिला भवन में आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का प्रयोग नहीं करना चाहिए तथा केवल सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए। धुएं से भरे स्थान से बाहर निकलते समय घुटनों के बल रेंगकर चलने, बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर पानी न डालने तथा रेत या सूखी मिट्टी का उपयोग करने की जानकारी दी गई। साथ ही गैस रिसाव की स्थिति में मुख्य वाल्व बंद करने, खिड़की-दरवाजे खोलकर वेंटिलेशन सुनिश्चित करने और घबराहट से बचते हुए व्यवस्थित तरीके से राहत कार्य करने के महत्वपूर्ण उपाय भी बताए गए।
शिक्षकों ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में महिला शिक्षिकाओं आकांक्षा सिंह, बीना पांडे, हेमलता सिंह, अनीता गुप्ता, पल्लवी कश्यप एवं शिवांगी श्रीवास्तव ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं आकाश श्रीवास्तव, आनंद मोदनवाल, सुजीत कुमार शुक्ला, आनंद वर्धन सिंह, नवीन पांडे एवं ज्ञानेश्वर मिश्रा ने विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और मॉकड्रिल को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मॉकड्रिल के दौरान कक्षा 9 के छात्र आदर्श चौधरी, अक्षत शुक्ला एवं अभिनव श्रीवास्तव तथा कक्षा 7 के छात्र अन्य श्रीवास्तव एवं हंसराज चौरसिया ने फायर एक्सटिंग्विशर का सफल संचालन कर आग बुझाने का प्रदर्शन किया, जिसकी सभी ने सराहना की।




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