प्रभाकर कसौधन
डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार की मांग____
महासमिति ने डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने की मांग की। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और शोभायात्राओं में डीजे की व्यवस्था परंपरा का हिस्सा रही है। ऐसे में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए डीजे संचालन की अनुमति दी जानी चाहिए।
ज्ञापन में सभी दुर्गा पूजा पंडालों पर सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति, नवरात्रि से पूर्व सड़कों, पटरियों और नालियों से संबंधित निर्माण कार्यों को व्यवस्थित कराने तथा विजयदशमी से पहले नगर की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने की मांग की गई। साथ ही पर्व के दौरान आवागमन प्रभावित करने वाले निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोकने की मांग की गई।
" अध्यक्ष दिलीप गुप्ता ने बताया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर नियमानुसार व्यवस्था कराने, पूर्व वर्षों की भांति पर्व के दौरान विद्युत कटौती से राहत देने, हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने की मांग की। इसके अलावा पूजा पंडालों और आसपास विशेष साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, छिड़काव तथा पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई है। "
इस दौरान संजय अग्रवाल, अनिल कसौधन, घनश्याम गुप्ता, रंजय कमला, संजय प्रजापति, दीपू, राज अग्रहरी, सौरभ, रजत, शक्ति वर्मा, अमर सिंह, रवि पांडेय, अभिषेक त्रिपाठी, इष्टदेव, रामदयाल सोनी, मुकेश कुमार, मनोज, राजेश कसौधन, विनोद कुमार समेत समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।



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