Balrampur: जनपद में कोतवाली देहात क्षेत्र के सरकारी स्कूलों, पंचायत भवनों और घरों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक चोरों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक कार, एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल तथा भारी मात्रा में एलईडी टीवी, एलसीडी, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडे ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को प्राथमिक विद्यालय अंबार पाकड़ से एलसीडी, पानी का मोटर, सीसीटीवी कैमरा और स्पीकर चोरी होने की सूचना प्रधानाचार्य प्रवल कुमार द्वारा दी गई थी, जिस पर कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 6 फरवरी की रात ग्राम पंचायत गंगापुर बांकी के पंचायत भवन से कंप्यूटर, वाई-फाई, प्रिंटर और एलसीडी टीवी चोरी होने की सूचना ग्राम प्रधान मायावती ने 8 फरवरी को दी। वहीं सहायक अध्यापिका आरती गुप्ता ने प्राथमिक विद्यालय कलंदरपुर से एलसीडी और यूपीएस चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। 30 जनवरी को दुरपता देवी ने फुलवरिया बाईपास स्थित अपने निर्माणाधीन मकान से अल्टीनेटर और टुल्लू पंप चोरी होने की शिकायत की। इससे पहले 22 नवंबर 2025 को सहायक अध्यापिका कुशुम पांडेय ने प्राथमिक विद्यालय बहदुरापुर से थाली, सिलेंडर, पानी का मोटर, बैटरियां और इन्वर्टर चोरी होने की सूचना दी थी।
बताया कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय की गई। रात्रि गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार को रोककर उसमें सवार दो लोग जो संदिग्ध दिखने पर पूछताछ की गई। दोनों ने अपना नाम श्रवण उर्फ कृष्ण मोहन पांडेय और नीरज शुक्ला बताया। कार की तलाशी में भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों सचिन पांडेय, बब्लू पांडेय, विवेक कुमार तिवारी और वीरू उर्फ दीप नारायण पांडेय के साथ मिलकर विभिन्न सरकारी परिसरों को निशाना बनाने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर ग्राम गंगापुर बांकी के बाहर स्थित एक खंडहर मकान पर दबिश देकर पुलिस ने शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ गोंडा और बलरामपुर के विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पकड़े गए लोगों ने पुलिस को बताया कि रात के समय उन सरकारी भवनों की रेकी करते थे जहां कोई नहीं रहता था। चोरी से पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़कर डीवीआर निकाल लेते, हार्ड डिस्क नष्ट कर डेटा डिलीट कर देते और सामान को खंडहर मकान में छिपा देते थे। पुलिस के अनुसार चोरी के दौरान किसी मोटर वाहन का प्रयोग नहीं किया जाता था, जिससे उन पर संदेह न हो। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार, एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल, 13 एलईडी टीवी व एलसीडी मॉनिटर, कंप्यूटर सिस्टम, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, यूपीएस, इन्वर्टर बैटरियां, पावर बैकअप सिस्टम, पांच सोलर पैनल, छह बैटरियां, सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई उपकरण, घरेलू गैस सिलेंडर, मोटर पंप, स्पीकर, माइक, हार्ड डिस्क सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
रात्रि में सुनसान पड़े सरकारी स्कूलों, पंचायत भवनों में करते थे चोरी



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