शिविरों में सामान्य बीमारियों के साथ मौसमी रोग, महिला स्वास्थ्य, बच्चों से जुड़ी समस्याएं तथा वृद्धजनों के स्वास्थ्य की विशेष जांच की गई। सीमावर्ती और दूर-दराज क्षेत्रों के ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें बिना शहर जाए बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है। बड़ी संख्या में मरीजों की उपस्थिति ने इस अभियान की उपयोगिता को भी साबित किया।
एनएमओ के जिला सचिव
डॉ. विकल्प मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा यात्रा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले दिन 34 गांवों में सफलतापूर्वक कैंप लगाए गए हैं, जबकि दूसरे दिन शनिवार को चिन्हित अन्य 34 गांवों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के अंतिम और तीसरे दिन देवीपाटन मंदिर परिसर में एक बृहद मेगा स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से आए विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संगठन और स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी लगातार सक्रिय रहे। विभाग प्रचारक प्रवीण कुमार, प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह, जिला प्रचारक जितेंद्र कुमार और जिला सचिव डॉ. विकल्प मिश्रा ने अलग-अलग शिविर स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्यामसुंदर, नगर तुलसीपुर विस्तारक अभिषेक कुमार, गैसड़ी के विस्तारक ध्रुव कुमार,अवधेश कुमार, शिवम पांडेय और आलोक कुमार,
बाबी, हनुमान सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने शिविरों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पंजीकरण से लेकर मरीजों के मार्गदर्शन और दवा वितरण तक स्वयंसेवक पूरी तत्परता से जुटे रहे।
इस व्यापक स्वास्थ्य अभियान से सीमावर्ती क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए, ताकि ग्रामीणों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके।

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