निरीक्षण के दौरान डॉ. विकल्प मिश्रा ने निर्देशित किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज की गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र मरीजों तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को समय पर निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
स्वास्थ्य अधीक्षक ने आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड एवं आभा कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाएं, जिससे उन्हें भविष्य में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सके।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजवापुर में आयोजित जन आरोग्य मेले में कुल 75 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि नन्दमहरा में 60 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। मेले में बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य सामान्य रोगों की जांच की गई।
डॉ. विकल्प मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की अपील की।

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