उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गौ सेवा और निराश्रित गोवंश संरक्षण की पहल से प्रेरित होकर अब भारत के साथ-साथ नेपाल में भी उनके नाम से गौशाला का संचालन शुरू हो गया है। इस पहल को लेकर नेपाल के हिंदू संगठनों और संत समाज में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखी जा रही है।
नेपाल राष्ट्र के डांग जनपद में स्थानीय संत भरतनाट योगी द्वारा “योगी आदित्यनाथ फाउंडेशन गौ सेवा समिति” के नाम से गौशाला का विधिवत संचालन प्रारंभ किया गया है। इस गौशाला में निराश्रित और बेसहारा गोवंशों को आश्रय देकर उनकी नियमित सेवा की जा रही है। वर्तमान समय में इस गौशाला में लगभग 400 गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी देखभाल 10 स्वयंसेवकों की टीम द्वारा की जा रही है। गौशाला का संचालन स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से किया जा रहा है।
गौशाला के औपचारिक उद्घाटन को लेकर नेपाल से आए संतों और फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश स्थित देवीपाटन मंदिर पहुंचकर पीठाधीश्वर महाराज से भेंट की। इस दौरान कार्यक्रम की तिथि और समय तय करने के लिए चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन और आशीर्वाद हेतु समय की मांग लेकर आए हैं, ताकि नेपाल में इस गौशाला का उद्घाटन वृहद स्तर पर किया जा सके।
इस अवसर पर नेपाल दांग क्षेत्र के पीर रतन नाथ योगी, मठ के पुजारी डॉ नारायण नाथ योगी सहित अन्य संतजन भी उपस्थित रहे। संत भरतनाट योगी ने बताया कि गौशाला में गोवंशों के लिए चारा, चिकित्सा और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की जा रही है तथा भविष्य में क्षमता बढ़ाने की भी योजना है।
नेपाल में योगी आदित्यनाथ के नाम से शुरू हुई यह गौ सेवा पहल दोनों देशों के धार्मिक-सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के साथ-साथ गौ संरक्षण के क्षेत्र में एक नई प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है।

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