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Tuesday, 11 June 2024

बलरामपुर में नहीं चलेगी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, डीएम ने दिया यह निर्देश

बलरामपुर । जिले में प्राइवेट स्कूल अब मनमानी नहीं कर सकेंगे, फीस बढ़ोतरी व किताबों को लेकर स्कूलों के द्वारा की अभिभावकों को शोषण नहीं कर पाएंगे। जिसको लेकर जिलाधिकारी ने स्कूल पर बंदूकन के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिया है। डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यूपी फीस रेगुलेशन एक्ट 2018 के तहत कार्रवाई होगी।
     डीएम बैठक कर आवश्यक निर्देश देते हुए 

भू माफिया , वन माफिया एवं खनन माफिया के बाद शिक्षा माफिया डीएम अरविंद सिंह के रडार पर हैं।  जनपद में शिक्षा व्यवस्था को साफ सुथरा रखने ,प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने , ड्रेस , किताब आदि के नाम पर अभिभावकों की गाढ़ी कमाई को लूटने से रोकने के लिए डीएम के अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक एमएलके पीजी कॉलेज सभागार में हुई है।

बैठक में डीएम ने बताया की  कोई भी प्राइवेट विद्यालय मनमाने ढंग से स्कूल फीस में वृद्धि नही कर सकता है। यूपी फीस रेगुलेशन एक्ट 2018 के तहत जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति के बाद की स्कूल प्रबंधक फीस वृद्धि कर सकते है। फीस वृद्धि के लिए स्कूल प्रबंधक को जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष 02 माह पहले आवेदन करना होगा । शुल्क वृद्धि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के अनुसार होगी तथा 5 प्रतिशत से ज्यादा नही होगी। जनपद में यूपी फीस रेगुलेशन एक्ट 2018 के बारे में अधिकतर विद्यालयों के स्कूल प्रबंधक को नही पता होने के कारण किसी भी प्रबंधक द्वारा यह कानून लागू होने के बाद शुल्क नियामक समिति के समक्ष फीस वृद्धि के लिए आवेदन नही किया गया तथा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाया जा रहा था ।

 डीएम ने कहा की  जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति के बिना फीस वृद्धि करने वाले स्कूल प्रबंधकों के विरुद्ध कानून के दायरे में करवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया की स्कूल द्वारा 05 वर्ष में बाद ही स्कूल की ड्रेस चेंज कर सकते है तथा छात्रों को किसी विशेष जगह से किताब , ड्रेस आदि खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। स्कूल प्रबंधन प्रति वर्ष पाठ्य पुस्तकें नही बदल सकते जिससे अभिभावकों पर बेवजह बोझ पड़े।
उन्होंने कहा की स्कूल प्रबंधकों की भी बाते सुनी जाएगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधकों की एक 06 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
डीएम श्री सिंह ने कहा की स्कूल शिक्षा का मंदिर होते हैं , जहा युवाओं का भविष्य तैयार होता है। 
स्कूल में छात्रों को अच्छी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए। बेवजह अभिभावकों की जेब पर डाका न डाला जाए।

मौके पर एसडीएम संजीव कुमार , डीआईओएस गोविंद राम , बीएसए कल्पना देवी , अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी , समस्त स्कूल प्रबंधक मौजूद रहे।

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