अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल, प्रधानमंत्री ने कहा—“भारत की परंपराओं का गौरव बढ़ा”
नई दिल्ली। भारत के लिए गर्व का क्षण आया है। यूनेस्को ने दीपावली को ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ (Intangible Cultural Heritage) की वैश्विक सूची में शामिल कर लिया है। इस सूची में वे संस्कृतियाँ और पारंपरिक प्रथाएँ शामिल होती हैं, जिन्हें संरक्षण की आवश्यकता होती है और जो मानवीय सभ्यता के लिए सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
दीपावली को सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद पूरे देश में खुशी की लहर है। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव का सम्मान बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय समाज में प्रकाश, आशा, आध्यात्मिकता और सद्भाव का प्रतीक है।
भारत की 15 धरोहरें पहले से सूची में
यूनेस्को की इस सूची में भारत की 15 अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरें पहले से शामिल थीं। इनमें योग, कुंभ मेला, र प्रस्तुत कला, नवकल्या पूजा, छऊ नृत्य जैसी परंपराएँ प्रमुख हैं।
दीपावली के शामिल होने से अब यह सूची भारतीय पहचान और विरासत की प्रतिनिधि सूची बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे वैश्विक स्तर पर दीपावली के महत्व को नई पहचान मिलेगी और भारतीय सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत की बड़ी उपलब्धि
यूनेस्को के इस निर्णय के बाद दीपावली का प्रभाव और व्यापक होगा। दुनियाभर के सांस्कृतिक संगठन अब दीपावली को वैश्विक धरोहर के रूप में संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास करेंगे।भारत सरकार ने इस उपलब्धि को “वैश्विक मंच पर भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की जीत” बताया है।
सोशल मीडिया पर बधाइयों की बौछार
घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर दीपावली के सम्मान में बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई। लोग इसे भारतीय संस्कृति के लिए ऐतिहासिक क्षण बता रहे हैं।
(नोट:खबर का स्रोत इंटरनेट मिडिया)

No comments:
Post a Comment