9 को आजीवन कारावास, 3 सबूतों के अभाव में बरी
महाराजगंज हिंसा प्रकरण में ऐतिहासिक फैसला
Bahraich: महाराजगंज बाज़ार में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान 13 अक्टूबर 2024 को हुई हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और रामगोपाल मिश्रा की हत्या के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय बहराइच ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने मुख्य आरोपी सरफराज़ को फांसी तथा अन्य 9 दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। वहीं तीन अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई पेशी
फैसले के मद्देनज़र पूरे न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस ने कोर्ट के अंदर और बाहर अभेद सुरक्षा घेरा बनाकर सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया।
न्यायालय की कठोर टिप्पणी
एडीजे प्रथम पवन कुमार शर्मा की अदालत में 13 माह 26 दिन चले मुकदमे के बाद अब्दुल हमीद, सरफ़राज़, मोहम्मद तालिब, फ़हीम, ज़ीशान, मोहम्मद सैफ़, जावेद, शोएब, ननकू और मारूफ़ को दोषी करार दिया गया। अदालत ने माना कि हिंसा के दौरान योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया, जिसमें रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी गई।
मुकदमे की धाराएँ
इस प्रकरण में पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 103(2), 249, 61(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत अभियोग पंजीकृत किया था।
तीन अभियुक्त बरी
अदालत ने आरोपियों खुर्शीद, शकील और अफ़ज़ल को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दोषमुक्त कर दिया।
पृष्ठभूमि
ज्ञात हो कि 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक उपद्रव भड़कने से पूरे महाराजगंज बाज़ार में भगदड़, आगजनी और हिंसा फैल गई थी। इस दौरान रामगोपाल मिश्रा को गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त हो गया था और पुलिस-प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।

No comments:
Post a Comment